Home Roorkee सुबह बारिश, दोपहर को निकली चटक धूप

सुबह बारिश, दोपहर को निकली चटक धूप

0


ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

बुधवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हालांकि, दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और अच्छी धूप निकली। वहीं, बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिले उठे हैं। उन्हें खेतों की सिंचाई से छुटकारा मिल गया है।
शुक्रवार सुबह तेज हवा के साथ शहर से लेकर देहात तक बारिश हुई। इससे जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश से शहर और कस्बे में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी। लोग छाता लेकर खरीदारी के लिए बाहर निकले। हालांकि, दोपहर बाद मौसम पूरी तरह साफ हो गया और धूप निकली। दूसरी ओर, लगातार तीन दिन तक हुई बारिश के बाद से जनपद के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। खासकर आम के लिए यह बारिश सबसे अच्छी मानी जा रही है।

हुई सिंचाई, अब होगी बुवाई
रवि के बाद खाली पड़े खेतों में सिंचाई की तैयारी कर रहे किसानों को भी राहत मिली है। बारिश से खेतों की सिंचाई हो गई है और किसानों का खर्च भी बच गया। लिहाजा अब खरीफ की फसल के लिए खेतों की जुताई में तेजी आएगी और धान की नर्सरी की बुवाई भी शुरू हो सकेगी।

खेतों में न रुकने दें पानी
मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव ने बताया कि खड़ी फसलें जैसे मक्का, उड़द, मूंग और अन्य सब्जियों के खेतों में किसान पानी न रुकने दें। वहीं, पशु चिकित्सा अधिकारी गुरप्रीत सिंह सचदेवा ने बताया कि अपने पशुओं का भी विशेष ध्यान रखें। पशुओं के आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें। इससे पशुओं में बीमारी फैलती है।

बुधवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हालांकि, दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और अच्छी धूप निकली। वहीं, बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिले उठे हैं। उन्हें खेतों की सिंचाई से छुटकारा मिल गया है।

शुक्रवार सुबह तेज हवा के साथ शहर से लेकर देहात तक बारिश हुई। इससे जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश से शहर और कस्बे में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी। लोग छाता लेकर खरीदारी के लिए बाहर निकले। हालांकि, दोपहर बाद मौसम पूरी तरह साफ हो गया और धूप निकली। दूसरी ओर, लगातार तीन दिन तक हुई बारिश के बाद से जनपद के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। खासकर आम के लिए यह बारिश सबसे अच्छी मानी जा रही है।



हुई सिंचाई, अब होगी बुवाई

रवि के बाद खाली पड़े खेतों में सिंचाई की तैयारी कर रहे किसानों को भी राहत मिली है। बारिश से खेतों की सिंचाई हो गई है और किसानों का खर्च भी बच गया। लिहाजा अब खरीफ की फसल के लिए खेतों की जुताई में तेजी आएगी और धान की नर्सरी की बुवाई भी शुरू हो सकेगी।



खेतों में न रुकने दें पानी

मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव ने बताया कि खड़ी फसलें जैसे मक्का, उड़द, मूंग और अन्य सब्जियों के खेतों में किसान पानी न रुकने दें। वहीं, पशु चिकित्सा अधिकारी गुरप्रीत सिंह सचदेवा ने बताया कि अपने पशुओं का भी विशेष ध्यान रखें। पशुओं के आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें। इससे पशुओं में बीमारी फैलती है।



Source link

NO COMMENTS

Leave a Reply

Exit mobile version