उत्तराखंड मौसम: बारिश के बाद बादल छंटते ही रुड़की से दिखने लगीं हिमालय की बर्फीली चोटियां

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 21 May 2021 12:13 AM IST

सार

प्रदेश में मौसम की आंखमिचौली बुधवार को ही शुरू हो गई थी, लेकिन रात करीब दस बजे शुरू हुई बारिश अगले दिन सुबह 11 बजे तक जारी रही। जब बारिश रुकी तो मौसम सुहावना हो गया।

रुड़की से दिखती हिमालय की चोटियां
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश के बाद जब शाम को बादल छंटे तो अद्भुत नजारा देखने को मिला। रुड़की से शाम के समय हिमालय की बर्फीली चोटियों का दीदार हुआ। यह पर्वत श्रृंखला देहरादून से भी बहुत साफ और सुंदर नजर आई। 

रुड़की में चक्रवाती तूफान ताउते के असर के चलते लगातार 24 घंटे हुई बारिश से कई जगहों पर जलभराव हो गया। शहर में अधिकांश जगहों पर सड़कों पर कीचड़ होने से लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। वहीं, देहात क्षेत्र में खेत-खलिहान भी जलमग्न हो गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे बारिश थमी। सुबह सात से दस बजे फल-सब्जी और दूध की दुकानें खुलीं, लेकिन कम लोग सड़कों पर दिखे। आईआईटी मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान रुड़की में 53.9 और बहादराबाद में सर्वाधिक 67 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

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बारिश के दौरान शहर सहित देहात क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रुड़की में दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर माजरा के निकट पानी भर गया, जिससे हाईवे से गुजर रहे लोगों को परेशानी हुई। गंगनहर पटरी पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पानी भरा रहा। अंबर तालाब, मकतूलपुरी, शेरपुर, माजरा आदि इलाकों में भी जलभराव हुआ। कुछ इलाकों में नालियों की सफाई नहीं होने के चलते पानी निकासी में दिक्कत हुई। इससे सारा पानी सड़कों पर भर गया।

पुरानी तहसील समेत कुछ इलाकों में सड़कें कच्ची होने के चलते कीचड़ हो गया। इससे लोगों को पैदल और वाहनों के साथ निकलने में दिक्कत आई। नगर के मयूर विहार कॉलोनी, शेखपुरी, चाव मंडी आदि में हाल ही में गैस पाइप लाइन बिछाने का काम हुआ था। इसके बाद गड्ढ़ों को मिट्टी से भर दिया गया था। ऐसे में पानी भरने से कीचड़ हो गया। इसी तरह, डीएवी कॉलेज के पास कुछ दिन पहले एक प्राइवेट कंपनी ने केबल बिछाया था। यहां भी गड्ढों को मिट़्टी से भरा गया था। बृहस्पतिवार दोपहर जब यहां से वाहन निकले तो गड्ढों में फंस गए। दोपहर 12 बजे के आसपास मौसम साफ होने से तेज धूप निकली। आईआईटी के मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, रुड़की में 53.9 मिमी, लक्सर में 47 मिमी, बहादराबाद में 67 मिमी, भगवानपुर में 58 मिमी और नारसन में 65 मिमी बारिश हुई है। 

दो दिन तक लगातार 32.2 एमएम बारिश हुई है। अधिकतम तापमान भारी गिरावट दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस हो गया है। इससे पहले 1998 में मई के महीने 40 एमएम बारिश हुई थी। 

बुधवार सुबह करीब दस बजे से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक होती रही। मौसम में हुए बदलाव से अधिकतम तापमान भी गिरा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल 16 और 17 अप्रैल को पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया था। 17 मई तक तापमान 37 डिग्री था। 18 मई से मौसम ने करवट बदली और तापमान गिरना शुरू हो गया। 19 मई को अधिकतम तापमान 30 डिग्री हो गया था। बृहस्पतिवार को अधिक तापमान 27 डिग्री आ गया। 

मौसम विशेषज्ञों की मानें तो मई 1998 में भी लगातार तीन दिन बारिश हुई थी। तब तीन दिन में 40 एमएम रिकार्ड बारिश हुई थी। इसके बाद मई में कभी इतनी बारिश नहीं हुई। इस बार बार दो दिन में ही 32.2  एमएम हुई है। रितु आलोक शाला बहादराबाद के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत ने बताया कि 1998 में सात से नौ मई तक 40 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि तब भी रिकार्ड तापमान गिरा था। 

विस्तार

उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश के बाद जब शाम को बादल छंटे तो अद्भुत नजारा देखने को मिला। रुड़की से शाम के समय हिमालय की बर्फीली चोटियों का दीदार हुआ। यह पर्वत श्रृंखला देहरादून से भी बहुत साफ और सुंदर नजर आई। 

रुड़की में चक्रवाती तूफान ताउते के असर के चलते लगातार 24 घंटे हुई बारिश से कई जगहों पर जलभराव हो गया। शहर में अधिकांश जगहों पर सड़कों पर कीचड़ होने से लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। वहीं, देहात क्षेत्र में खेत-खलिहान भी जलमग्न हो गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे बारिश थमी। सुबह सात से दस बजे फल-सब्जी और दूध की दुकानें खुलीं, लेकिन कम लोग सड़कों पर दिखे। आईआईटी मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान रुड़की में 53.9 और बहादराबाद में सर्वाधिक 67 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

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बारिश के दौरान शहर सहित देहात क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रुड़की में दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर माजरा के निकट पानी भर गया, जिससे हाईवे से गुजर रहे लोगों को परेशानी हुई। गंगनहर पटरी पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पानी भरा रहा। अंबर तालाब, मकतूलपुरी, शेरपुर, माजरा आदि इलाकों में भी जलभराव हुआ। कुछ इलाकों में नालियों की सफाई नहीं होने के चलते पानी निकासी में दिक्कत हुई। इससे सारा पानी सड़कों पर भर गया।

पुरानी तहसील समेत कुछ इलाकों में सड़कें कच्ची होने के चलते कीचड़ हो गया। इससे लोगों को पैदल और वाहनों के साथ निकलने में दिक्कत आई। नगर के मयूर विहार कॉलोनी, शेखपुरी, चाव मंडी आदि में हाल ही में गैस पाइप लाइन बिछाने का काम हुआ था। इसके बाद गड्ढ़ों को मिट्टी से भर दिया गया था। ऐसे में पानी भरने से कीचड़ हो गया। इसी तरह, डीएवी कॉलेज के पास कुछ दिन पहले एक प्राइवेट कंपनी ने केबल बिछाया था। यहां भी गड्ढों को मिट़्टी से भरा गया था। बृहस्पतिवार दोपहर जब यहां से वाहन निकले तो गड्ढों में फंस गए। दोपहर 12 बजे के आसपास मौसम साफ होने से तेज धूप निकली। आईआईटी के मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, रुड़की में 53.9 मिमी, लक्सर में 47 मिमी, बहादराबाद में 67 मिमी, भगवानपुर में 58 मिमी और नारसन में 65 मिमी बारिश हुई है। 


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हरिद्वार में दो दिन में हुई 32 एमएम बारिश



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