उत्तराखंड में कोरोना : राज्यमंत्री ने लिब्बरहेड़ी गांव का किया दौरा, दिए गांवों में जांच बढ़ाने के निर्देश

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सार

लिब्बरहेड़ी गांव में 15 दिनों में 35 लोगों की मौत को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों को गांव में रहने के साथ ही टेस्टिंग बढ़ाने, सैनिटाइजेशन और दवा वितरण के लिए आदेशित किया गया है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए गांव के हालात में नजर रखी
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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गन्ना राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने मंगलवार को लिब्बरहेड़ी गांव का दौरा कर कोरोना जांच केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए गांव के हालात में नजर रखी।

बता दें कि लिब्बरहेड़ी गांव में संदिग्ध बुखार से पिछले 15 दिनों में कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को प्रशासन ने गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सख्त पाबंदियां लागू की थीं। साथ ही ग्रामीणों की कोरोना जांच और दवा वितरण का काम शुरू कराया था।

इसी कड़ी में मंगलवार को राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने लिब्बरहेड़ी गांव के कोरोना जांच केंद्र पर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने गांवों में टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना को लेकर गंभीर है। लिब्बरहेड़ी गांव में 15 दिनों में 35 लोगों की मौत को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों को गांव में रहने के साथ ही टेस्टिंग बढ़ाने, सैनिटाइजेशन और दवा वितरण के लिए आदेशित किया गया है। लोगों की मदद के लिए वे खुद यहां आए हैं। सरकार कोरोना को लेकर हरसंभव कदम उठा रही है। हालत बिगड़ने पर मरीज को आइसोलेशन सेंटर या अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि किसी भी सूरत में लोगों की जान बचाई जा सके। उनके साथ वरिष्ठ भाजपा नेता जमीर हसन अंसारी, ऋषिपाल बालियान, गन्ना समिति के डायरेक्टर सुशील राठी, अरुण चौधरी, प्रभात सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

प्रशासनिक अमला मंगलवार को भी दिनभर गांव में डटा रहा और लोगों से अधिक से अधिक जांच कराने की अपील की। एएसडीएम पूरण सिंह राणा और सीओ मंगलौर पंकज गैरोला सुबह ही गांव पहुंच गए। उन्होंने शाम करीब चार बजे तक गांव में ही रहकर ग्रामीणों को घरों में रहने की अपील की। साथ ही जांच के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट, हल्का प्रभारी कुलविंदर सिंह रावत, उपनिरीक्षक विजय प्रकाश, रोशनी रावत, ललिता खंडेलवाल सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

दो टीमों ने की 350 लोगों की जांच, एक की मौत
 

स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने लिब्बरहेड़ी गांव में आरटीपीसीआर और एंटीजन से 350 लोगों की जांच की। इसमें एक व्यक्ति संदिग्ध पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे होम आइसोलेट कर दिया है। वहीं, गांव में संदिग्ध बुखार से 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मंगलवार को एक टीम ने गांव में डोर टू डोर जाकर 48 लोगों के सैंपल लिए।

वहीं, दूसरी टीम ने प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगाकर करीब 300 लोगों की जांच की। यहां एक व्यक्ति संदिग्ध पाया गया है, जिसकी पॉजिटिव रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे एहतियातन होम आइसोलेट कर दिया है। 172 लोगों की आरटीपीसीआर और 140 की एंटीजन जांच की गई। इस दौरान सीएचसी मंगलौर से डॉक्टर अनंत गुप्ता, अजय मौर्य, रविंद्र कुमार, विपिन कुमार, शाकिर अंसारी और हिमांशु राजपूत शामिल थे।

ग्रामीणों को दीं खांसी-बुखार की दवाएं

सीएचसी मंगलौर की टीम ने लिब्बरहेड़ी गांव में सैकड़ों मरीजों को खांसी, बुखार और अन्य बीमारियों की दवा उपलब्ध कराई। सीएचसी प्रबंधक विपिन कुमार ने बताया कि टीम गठित कर गांव में घर-घर जाकर दवा उपलब्ध कराई। आगे भी ग्रामीणों को उनकी टीम दवा देती रहेगी।

मंगलवार को प्रशासनिक टीम गांव में पिछले 15 दिनों में हुई मौत की जानकारी जुटाने पहुंची। वहीं, एएसडीएम पूरण सिंह राणा मृतकों के परिजनों से मिले और ढांढस बंधाकर मदद का आश्वासन दिया। वहीं, कानूनगो इकबाल अली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने पिछले 15 दिनों में मृतकों की सूची तैयार की। मृतकों के घर पहुंचकर जानकारी जुटाई कि किस कारण से मौत हुई है। 

कंटेनमेंट जोन में भारी पुलिस बल तैनात

लिब्बरहेड़ी गांव कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव को चार भागों में बांटकर बल्लियां लगाकर आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि अनावश्यक रूप से बाहर घूमने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

सहायता के लिए आगे आया उत्तम शुगर मिल 

लिब्बरहेड़ी गांव की स्थिति को देखते हुए उत्तम शुगर मिल सहयोग के लिए आगे आया है। मिल के महाप्रबंधक की ओर से प्रशासन को मदद का प्रस्ताव दिया गया था। प्रशासन ने लिब्बरहेड़ी समेत आसपास के गांवों में सैनिटाइजेशन की बात कही।

इस पर मिल प्रबंधन ने मंगलवार को सैनिटाइजेशन शुरू करा दिया। शुगर मिल के महाप्रबंधक एसएम लांबा ने बताया कि लिब्बरहेड़ी से सटे गांवों ठसका, मुंडलाना, हरचंदपुर, बड़ा नारसन में भी सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। प्रशासन जरूरत समझेगा तो ग्रामीणों को निशुल्क दवाएं भी वितरित की जाएगी। इसके अलावा जल्द ही मिल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों को निशुल्क ऑक्सीजन दी जाएगी। 

विस्तार

गन्ना राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने मंगलवार को लिब्बरहेड़ी गांव का दौरा कर कोरोना जांच केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए गांव के हालात में नजर रखी।

बता दें कि लिब्बरहेड़ी गांव में संदिग्ध बुखार से पिछले 15 दिनों में कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को प्रशासन ने गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सख्त पाबंदियां लागू की थीं। साथ ही ग्रामीणों की कोरोना जांच और दवा वितरण का काम शुरू कराया था।

इसी कड़ी में मंगलवार को राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने लिब्बरहेड़ी गांव के कोरोना जांच केंद्र पर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने गांवों में टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना को लेकर गंभीर है। लिब्बरहेड़ी गांव में 15 दिनों में 35 लोगों की मौत को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों को गांव में रहने के साथ ही टेस्टिंग बढ़ाने, सैनिटाइजेशन और दवा वितरण के लिए आदेशित किया गया है। लोगों की मदद के लिए वे खुद यहां आए हैं। सरकार कोरोना को लेकर हरसंभव कदम उठा रही है। हालत बिगड़ने पर मरीज को आइसोलेशन सेंटर या अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि किसी भी सूरत में लोगों की जान बचाई जा सके। उनके साथ वरिष्ठ भाजपा नेता जमीर हसन अंसारी, ऋषिपाल बालियान, गन्ना समिति के डायरेक्टर सुशील राठी, अरुण चौधरी, प्रभात सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।


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दिनभर गांव में डटा रहा प्रशासनिक अमला



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