सभी दलों में टिकट फाइनल के करीब, दावेदार टिकट के प्रति आशान्वित पर सिंबल को लेकर पूरी तरह मुतमईन नहीं

रुड़की । सभी राजनीतिक दलों में टिकट की लड़ाई अंतिम दौर में पहुंच गई है। हालांकि प्रत्याशियों के नामों की घोषणा दीपावली के बाद ही होगी। वहीं सभी दावेदार टिकट के प्रति आशान्वित हैं लेकिन सिंबल उन्हें ही मिलेगा।इसको लेकर वह पूरी तरह मुतमईन नहीं है। कमोवेश यही स्थिति पार्षद टिकट के दावेदारों की है। बता दे कि रुड़की नगर निगम को लेकर 25 अक्टूबर की तारीख सुप्रीम कोर्ट में लगी है। माना जा रहा है कि इस तारीख से एक-दो दिन पहले राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनावी कार्यक्रम दाखिल कर आगे की प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश मांगेगी। जिसके चलते राजनीतिक दल मानकर चल रहे हैं कि रुड़की नगर निगम के चुनाव अब जल्द होने जा रहे हैं। जिस कारण सभी राजनीतिक दलों में मेयर और पार्षद के टिकट की लड़ाई अंतिम दौर में पहुंच गई है । हालांकि किसी भी राजनीतिक दल के रणनीतिकार संभावित प्रत्याशियों के नामों का खुलासा नहीं कर रहे हैं। पर यदि देखा जाए तो जिन नेताओं को मेयर और पार्षद पद का प्रत्याशी बनाया जा सकता है उनको लेकर गहन मंत्रणा चल रही है। भारतीय जनता पार्टी में तीन नामों पर विचार है। यह तीनों ही दावेदार चुनाव की तैयारी कर भी रहे हैं। जिनके नामों पर विचार हो रहा है। उनमें एक दावेदार वैश्य समाज से हैं तो दो दावेदार गैर वैश्य समाज से हैं। 21 अक्टूबर को रुड़की में मुख्यमंत्री की सभा होनी है। हो सकता है उस दिन मुख्यमंत्री संभावित प्रत्याशी को चुनाव की तैयारी और तेज करने के संकेत दे जाएं। आज महामंत्री संगठन अजय कुमार ने भी रुड़की नगर निगम के चुनाव के संबंध में पार्टी कार्यकतार्ओं से काफी विचार-विमर्श किया है। उन्होंने जिताऊ प्रत्याशी का नाम जानने की कोशिश की है। साथ ही रुड़की की जनता का मिजाज भी जानने का प्रयास उनके द्वारा किया गया है। कांग्रेस में पंजाबी, ब्राह्मण वैश्य व एक अन्य के नाम पर विचार जारी है। प्रत्याशी भी इन्हीं समाज में से होना है। कांग्रेस हाईकमान अपने पार्टी के तीनों विधायकों से रुड़की नगर निगम के चुनाव के संबंध में कई दौर की बातचीत कर चुका है । कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह जल्द ही कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन, विधायक हाजी फुरकान अहमद और ममता राकेश के साथ बैठक करने जा रहे हैं। पार्टी कार्यकतार्ओं व स्थानीय नेताओं से प्रत्याशी के संबंध में बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। हालांकि कांग्रेस में सीनियरिटी के हिसाब से पूर्व मंत्री रामसिंह सैनी, डॉ रकम सिंह, एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा के नाम पर गंभीरतापूर्वक विचार हुआ। जिसमें डॉ रकम सिंह ने तो चुनाव के प्रति अनिच्छा जाहिर कर दी। पूर्व मंत्री रामसिंह सैनी के बारे में एच फैक्टर आड़े आ रहा है। जबकि एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा अपने पुत्र रजनीश शर्मा को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। अब देखना यह है कि पार्टी एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा के पुत्र रजनीश शर्मा के नाम पर विचार करती है या नहीं। इसके बाद पूर्व चेयरमैन दिनेश कौशिक अशोक चौहान ओम प्रकाश सेठी हंसराज सचदेवा के नाम आ रहे हैं। यदि पार्टी हाईकमान इनमें से किसी का नाम प्रत्याशी के तौर पर तय नहीं करता तो इसके बाद सुधीर शांडिल्य, श्रेष्ठा राणा हाजी सलीम खान पर विचार संभव है। लेकिन कांग्रेस का प्रत्याशी इन सभी में से कौन होगा इसको लेकर अभी भी पार्टी हाईकमान ने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने अपनी रणनीति पूरी तरह साफ कर दी है उसकी प्राथमिकता दलित मुस्लिम गठबंधन के समीकरणों पर प्रत्याशी का चयन करने की है पार्टी प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल सिंह का कहना है कि वह देख रहे कि ऐसा कौन प्रत्याशी होगा जो कि दलित के साथ ही मुस्लिम का वोट बहुमत में हासिल कर सके। अन्य वर्ग के लोगों में भी वह कम ज्यादा करके अच्छा चुनाव लड़ सके। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी घोषित करने की जल्दी में नहीं हैं जैसे ही भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित होंगे तो उसके तुरंत बाद बहुजन समाज पार्टी के मेयर प्रत्याशी के साथ ही पार्षद पद के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी। उन्होंने यह बात स्वीकार की कि अधिकतर वार्ड में पार्षद पद के प्रत्याशियों के नाम फाइनल किए जा चुके हैं। लेकिन उनके नामों का खुलासा अभी नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद कुछ वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को बदला भी जा सकता है। इधर, लोकतांत्रिक जनमोर्चा ने अपनी चुनावी तैयारियां और तेज कर दी है। सैनी जागृति मिशन का समर्थन मिलने के बाद लोकतांत्रिक जनमोर्चा ने कुछ कर्मचारी संगठनों का समर्थन प्राप्त करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जबकि समाजवादी पार्टी ही फिलहाल के चुनावी परिदृश्य से पूरी तरह गायब है। लोकदल का भी अभी तक की चुनावी चर्चा में कही कोई जिक्र नहीं है।

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