भाजपा में डॉ निशंक और कांग्रेस में हरीश रावत खेमे पर निगाह, अपनी-अपनी पार्टी में दोनों ही दिग्गज नेता के समर्थक को नहीं मिले हैं टिकट

रुड़की । भारतीय जनता पार्टी में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक और कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खेमे पर पैनी निगाह रखी जा रही है। क्योंकि दोनों ही नेताओं के समर्थकों को अपने-अपने पार्टी में मेयर के टिकट नहीं मिले हैं । जिस कारण इन दोनों दिग्गज नेताओं के समर्थक कहीं ना कहीं नाराज हैं। हालांकि खुले तौर पर उनके द्वारा कोई नाराजगी अभी तक व्यक्त नहीं की गई है। लेकिन पार्टी के प्रत्याशी और रणनीतिकार के साथ ही आम वोटर इस बात को अच्छी तरह समझ रहे हैं कि भाजपा में सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक और कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थक कार्यकर्ता चुनाव में जरूर कोई ना कोई गुल खिलाएंगे । क्योंकि दोनों ही पार्टी के दिग्गज नेताओं के समर्थकों का स्थानीय समीकरणों के चलते अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को पूरी तरह स्वीकार कर पाना मुश्किल है। समझा जा रहा है कि इसीलिए दोनों ही पार्टियों में दोनों ही दी गई नेताओं के समर्थकों पर निगरानी हैं। वैसे भाजपा में जो चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई है उसमें यह कतई नहीं देखा गया है कि कौन किसका समर्थक है और कौन किसका विरोधी। अनुभवी लोगों को ही चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पर यह चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है कि हरिद्वार के सांसद एवं केंद्रीय संसाधन मंत्री डॉ निशंक के कुछ समर्थक गौरव गोयल से जुड़े हुए हैं। जो कि परदे के पीछे रहकर उन्हें चुनाव में मजबूती प्रदान कर रहे हैं। संघ व मोर्चा के कुछ पूर्व और मौजूदा अधिकारी पदाधिकारी भी कहीं ना कहीं गौरव गोयल से सहानुभूति रखे हैं। जबकि कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थकों में से कुछ तो निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष सैनी के साथ चले गए हैं। कुछ भाजपा प्रत्याशी मयंक गुप्ता और निर्दलीय प्रत्याशी गौरव गोयल से नजदीकी बढ़ाए हुए हैं। जिसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थक चुनाव में नजर नहीं आ रहे हैं ।कुछ घर बैठ गए हैं तो कुछ अपने ढंग से चुनावी सियासत कर रहे हैं। अमरीश कुमार के कई समर्थक पूर्व सांसद राजेंद्र बॉडी के साथ खुलकर काम कर रहे हैं ।वैसे भाजपा और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव में उनकी पार्टी एकजुट है कहीं कोई खेमे बंदी नहीं है भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शोभाराम प्रजापति का कहना है कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए जी-जान लगाई हुए है । वहीं कांग्रेस के पूर्व जिला प्रवक्ता एडवोकेट राजेंद्र चौधरी का कहना है कि कांग्रेस में कहीं कोई गुटबाजी नहीं है। पार्टी के सभी कार्यकर्ता प्रत्याशी के समर्थन में काम कर रहे हैं । चुनाव कार्यालय उद्घाटन अवसर पर सभी वहां मौजूद होंगे। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान खेमेबंदी जैसी चर्चा होना स्वाभाविक है।

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