पौधारोपण से ही पृथ्वी पर सुखचैन है इसे लगाओ जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश, सभी को विशेष मौके पर पौधारोपण करके मनानी चाहिए खुशी

 

भगवानपुर ।    हमारे देश भारत की संस्कृति एवं सभ्यता वनों में ही पल्लवित तथा विकसित हुई है यह एक तरह से मानव का जीवन सहचर है वृक्षारोपण से प्रकृति का संतुलन बना रहता है वृक्ष अगर ना हो तो सरोवर (नदियां ) में ना ही जल से भरी रहेंगी और ना ही सरिता ही कल कल ध्वनि से प्रभावित होंगी वृक्षों की जड़ों से वर्षा ऋतु का जल धरती के अंक में पोहचता है यही जल स्त्रोतों में गमन करके हमें अपर जल राशि प्रदान करता है वृक्षारोपण मानव समाज का सांस्कृतिक दायित्व भी है क्योंकि वृक्षारोपण हमारे जीवन को सुखी संतुलित बनाए रखता है वृक्षारोपण हमारे जीवन में राहत और सुखचैन प्रदान करता है। मंगलवार को भाजपा युवा नेता अंकित चौहान ने अपने जन्मदिन पर पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मानव अपनी भौतिक प्रगति की तरफ आतूर है वह अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए बेधड़क वृक्षों की कटाई कर रहा है ओधोगिक प्रतिस्पर्धा और जनसंख्या के चलते बनो का क्षेत्रफल प्रतिदिन घटता जा रहा है एक अनुमान के अनुसार एक करोड़ हेक्टेयर इलाके के वन काटे जाते हैं अकेले भारत में ही 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले बनो को काटा जा रहा है वृक्ष के कटने से पक्षियों का चहचहाना भी कम होता जा रहा है पक्षी प्राकृतिक संतुलन स्थिर रखने में प्रमुख कारक है परंतु वृक्षों की कटाई से तो वो भी अब कम ही दिखने लगे हैं अगर इसी तरह से वृक्ष की कटाई होती रही तो इसके अस्तित्व पर ही एक प्रश्न चिन्ह लग जाएगा। पौधारोपण की महत्ता को एक स्वर से स्वीकार कर रहे हैं वन महोत्सव हमारे राष्ट्र की अनिवार्य आवश्यकता है देश की समृद्धि में हमारे वृक्ष का भी महत्वपूर्ण योगदान है इसलिए इस राष्ट के हर नागरिक को अपने लिए और अपने राष्ट्र के लिए वृक्षारोपण करना बहुत जरूरी है। इस मौके पर आचार्य पंडित मुकेश नौड़ियाल, अरविंद चौहान, अभय चौहान, आकाश चौहान, प्रशांत चौहान, अनुज चौहान, अमन चौहान, अजित चौहान, मुकुल चौहान, पुलकित राणा, विशाल चौहान आदि मौजूद रहे।

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