भाईचारा अमन चैन और खुशहाली का संदेश देता है ईद का त्यौहार,लोकतांत्रिक जनमोर्चा के संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार सुभाष सैनी ने क्षेत्रवासियों को ईद की मुबारकबाद

 

रुड़की ।      लोकतांत्रिक जनमोर्चा के संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार सुभाष सैनी ने क्षेत्रवासियों को ईद की मुबारकबाद दी है उन्होंने कहा है कि आज पूरे देश में ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। रमजान का महीना रोज़े का महीना है और उसके बाद का महीना शव्वाल का महीना, जिसके 1 दिन को ईद का दिन ठहराया गया है। ईद का दिन रोज़े के महीने के फौरन बाद आता है। एक महीने के रोज़ेदाराना जिंदगी बिताने के बाद मुसलमान आज़ादी के साथ खाते-पीते हैं। खुदा का शुक्र अदा करते हुए ईद की नमाज़ सामूहिक रूप से पढ़ते हैं। समाज के सभी लोगों से मिलते हैं और खुशी मनाते हैं। दान (फ़ितरा) के जरिए समाज के गरीब वर्ग के लोगों की मदद करते हैं। ईद का भाव खुदा को याद करना है। अपनी खुशियों के साथ लोगों की खुशियों में शामिल होना है। ईदुल फितर यानी ईद। इस्लामी कलेंडर के अनुसार रमजान महीने के 30 या 29 रोजे रखने के बाद चांद दिखाई देने पर शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाती है। ईदुल फितर पूरी दुनिया में सामूहिक रूप से मनाई जाती है। चाहे कोई किसी भी नस्ल का हो चाहे कोई भी भाषा बोलता हो, दुनिया के किसी भी क्षेत्र में रहता हो, किसी भी कबीले या खानदान से संबंध रखता हो, या किसी भी हैसियत का हो, सभी मुसलमान बिना किसी भेदभाव के सामूहिकता की भावना के साथ इस त्योहार को मानते हैं। ईद का मतलब ही है-ख़ुशी।

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