देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्र पर दायर याचिका निस्तारित, समर्थकों ने जताई खुशी, कहा न्याय की जीत

झबरेड़ा । हाईकोर्ट ने झबरेड़ा से बीजेपी के विधायक देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाणपत्रों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है। अदालत ने सरकार के स्तर से बनी स्क्रूटनिंग कमेटी के निर्णय की जानकारी के बाद गुरुवार को यह फैसला लिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की संयुक्त खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। कर्णवाल की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद बशिष्ठ ने बताया कि सरकार के स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी ने जाति प्रमाण-पत्र को सही ठहरा दिया था। अदालत को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद संयुक्त खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया है। देशराज का जाति प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध साबित हो गया है। हरिद्वार निवासी विपिन तोमर ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा कि देशराज कर्णवाल का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। उन्होंने इस आधार पर आरक्षित क्षेत्र के विधायक का चुनाव लड़ा और जीता है। याचिका में विधायक के प्रमाण पत्रों की जांच करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि इस आधार पर उनकी विधायकी को निरस्त किया जाए।

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