भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं, बहुजन समाज पार्टी में डॉक्टर अंतरिक्ष सैनी ही चुनावी अखाड़े में करेंगे दो दो हाथ

 

रुड़की ।     भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में प्रत्याशियों को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है अलबत्ता, बहुजन समाज पार्टी में डॉक्टर अंतरिक्ष सैनी ही चुनाव में किस्मत आजमाएंगे। कांग्रेस और भाजपा के शीर्ष सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसमें हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से टिकट की जोड़-तोड़ में दोनों पूर्व मुख्यमंत्री फिफ्टी फिफ्टी पर है। कहने का मतलब साफ है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा सांसद डॉ रमेश पोखरियाल को हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाया भी जा सकता है और नहीं भी। ऐसी ही स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की है । उन्हें भी हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाया भी जा सकता है और नहीं भी। लेकिन दोनों पूर्व मुख्यमंत्री अपने अपने पार्टी में टिकट की जोड़-तोड़ में दूसरे दावेदारों से कहीं मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। क्योंकि दोनों पार्टियों में जो दो ठाकुर दो ब्राह्मण और एक अनुसूचित जाति के फार्मूले के साथ ही जो पूर्व सीएम के मुकाबले पूर्व सीएम को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति है । उसकी वजह से दोनों पूर्व मुख्यमंत्री टिकट के प्रति आश्वस्त हैं और उनके समर्थकों का अभी तक आत्मबल बढ़ा रहा । लेकिन जैसे ही भारतीय जनता पार्टी में जिस तरह से कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के साथ ही अन्य कई नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की है ।उससे पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद डॉ रमेश पोखरियाल और उनके समर्थक थोड़ा विचलित हैं। अब नहीं लग रहा है कि कहीं जो स्थानीय सांसद की मांग जोर पकड़ रही है वह मदन कोशिक के नेतृत्व में निर्णायक स्थिति में ना पहुंच जाए। मदन कौशिक पूर्व सीएम के मुकाबले पूर्व सीएम और दो ठाकुर दो ब्राह्मण और एक अनुसूचित जाति इन दोनों फार्मूले पर भी फिट बैठ रहे हैं। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ नरेंद्र सिंह को राजनीतिक तौर पर कमजोर बताने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद और उनके समर्थक मदन कौशिक को राजनीतिक तौर पर कमजोर भी नहीं कह सकते। क्योंकि लोकसभा के समय करो से मदन कौशिक किसी भी दृष्टि से पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद डॉ निशंक से कमजोर नहीं आ कर जा सकते जबकि अब तो उन्हें स्थानीय का मुद्दा और मजबूत कर रहा है। लेकिन इस बीच एक सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपनी कैबिनेट से मजबूत सदस्य को छोड़ना चाहेंगे। मदन कौशिक को लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाएगा तो क्या अन्य कैबिनेट मंत्री चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताएंगे। यह 2 साल मदन कौशिक की दावेदारी में अभी तक ऑर्डर है लेकिन इतना तय हो गया है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद को पार्टी हाईकमान की ओर से ना होती है तो निश्चित रूप से मदन कोशिक का नाम भाजपा प्रत्याशी के तौर पर फाइनल होगा। इस बीच थोड़ी बहुत गुंजाइश मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ नरेंद्र सिंह के लिए जरूर बनी रहेगी। अन्य किसी दावेदार के नाम पर शायरी विचार हो सके। कांग्रेस में भी कमोबेश स्थिति यही है। अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की दावेदारी को स्थानीय के मुद्दे के आधार पर चुनौती दी जा रही है। इसमें हरीश रावत के सामने टिकट मांग रहे अन्य नेता एकजुट भी हो रहे हैं। यदि यह सब एकजुट हो जाते हैं तो उन हरीश रावत की दावेदारी को निश्चित रूप से खतरा बढ़ेगा। वजह केंद्र में उनकी दावेदारी को पहले ही राजीव शुक्ला और अनु स्वरूप की ओर से चुनौती दी जा रही है। राजीव शुक्ला कांग्रेस में बड़े नाम हैं ।जबकि अनु स्वरूप की पैरों कारी यूपी और बिहार की सियासत से हो रही हैं । ऐसे में यदि स्थानीय मुद्दे के आधार पर स्थानीय दावेदारों की एकजुटता बनी तो निश्चित रूप से कांग्रेस प्रत्याशी के चयन के परिणाम कुछ भी आ सकते हैं । क्योंकि कांग्रेस टिकट की जोड़-तोड़ में भीम आर्मी की भी भूमिका सामने आ रही हैं। यह बात तो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि भीम आर्मी हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में किस नेता को चाहती है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि भीम आर्मी पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ ही हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के टिकट में दखल दे रही है। भीम आर्मी की राय कांग्रेस हाईकमान के लिए कितनी अहमियत रखती है। इसका अनुमान कल मेरठ निजी अस्पताल में भर्ती भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद रावण का हालचाल जानने पहुंची प्रियंका गांधी जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम से लगाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि भीम आर्मी हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस गैर राजपूत प्रत्याशी चाहती है। ताकि वह दलितों का समर्थन कांग्रेस को दिला सके। वैसे कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि देहरादून में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की 16 मार्च को प्रस्तावित रैली के बाद ही कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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