लिंग परिवर्तन कर बनी महिला से दुष्कर्म पर फैसला सुरक्षित रखा, बड़ा ही अजीबोगरीब है यह मामला

 

नैनीताल ।  नैनीताल हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक अजीबोगरीब मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। लिंग परिवर्तन करा पुरुष से महिला बनी याचिकाकर्ता ने प्रेमी पर दुष्कर्म का आरोप लगा कोटद्वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। याचिका में पुलिस पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट से निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। पीड़िता ने साल 2017 में शिकायत दर्ज करा बताया कि कोटद्वार निवासी परीक्षित अरविंद जोशी और वह मुंबई के एक पांच सितारा होटल में साथ नौकरी करते थे। यहां दोनों में प्रेम प्रसंग पनपा और याची लिंग परिवर्तन करवाकर महिला बन गई। इसके बाद परीक्षित ने शादी का झांसा देकर उसे कोटद्वार बुलाया, जहां उसके साथ दुराचार किया। याचिकाकर्ता ने कोतवाली में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने अप्राकृतिक यौन शोषण का मुकदमा दर्ज किया। याचिका में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नालसा बनाम भारत सरकार के निर्णय में साफ किया है कि जन्म से नहीं, बल्कि व्यक्ति जो बनना चाहता है, बन सकता है। मगर जांच अधिकारी ने याची को जन्म के चलते पुरुष माना है, जो ठीक नहीं है। सरकार की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता को महिला नहीं माना जा सकता है। याचिका में आरोपी परीक्षित जोशी की जमानत निरस्त करने की मांग भी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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