कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिह रावत ने किया राजकीय यूनानी एंव होम्योपैथिक चिकित्सालय का उद्घाटन, कहा आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी सबसे बेहतर और पुरानी चिकित्सा पद्धति

 

रुड़की ।    कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि चिकित्सकों को मानव की सेवा के रूप में काम करना चाहिए न कि व्यवसाय के रूप में। कहा कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी सबसे बेहतर और पुरानी चिकित्सा पद्धति है। अगले साल से नीट के माध्यम से ही आयुर्वेदिक कॉलेजों में दाखिले होंगे। रुड़की के आनन्द स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में राजकीय यूनानी चिकित्सालय एवं राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माण में डॉ. आंनद स्वरूप और उनके परिवार का योगदान सराहनीय है। कहा कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी सबसे बेहतर और पुरानी चिकित्सा पद्धति है इसका कोई तोड़ नही है। दुनिया मे कोई चिकित्सा पद्धति इससे आगे नही है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में कई बीमारियों का उपचार ही नहीं है। उन्होंने कहा भारत सरकार ने इसे बढ़ावा देने के लिए अलग से आयुष मंत्रालय का गठन किया। उत्तराखंड में भी इस मंत्रालय का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि एलोपैथी की तरह ही आयुर्वेदिक शिक्षा पद्धति को आगे बढाया जाएगा। अगले साल से नीट के माध्यम से ही आयुर्वेदिक कॉलेजों में दाखिले होंगे। प्रदेश में जहां एलोपैथिक डॉक्टर नहीं है वहां आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात किए गए हैं। शहर विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि लोगों को चिकित्सालय से लाभ मिलेगा। आज लोग एलोपैथी छोड़कर फिर से यूनानी पर विश्वास कर रहे हैं। पद्मश्री डॉ. आनन्द स्वरूप आर्य एवं कौशल्या आर्य ने हर प्रकार से सम्भव मदद का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल शर्मा ने किया। इस अवसर पर होम्योपैथी चिकित्सा निदेशक डॉ. राजेन्द्र सिंह, यूनानी चिकित्सा निदेशक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, अंशुल मित्त्ल, राजीव गुप्ता, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामवीर सैनी, मनमोहन शर्मा, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सागर गोयल, अंकित चौहान, हितेश शर्मा, मनोज सैनी,सतीश नेगी, चन्दन सिंह, धर्मवीर शर्मा, गौरव त्यागी, अंजली अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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