गंगा तेरा पानी अमृत, झर-झर बहता जाए ,युग-युग से इस देश की धरती तुझसे जीवन पाए, समाजसेविका अंजू चौहान ने गंगा दशहरा पर दी सभी को शुभकामनाएं और बधाई

 

बहादराबाद ।    समाज सेविका अंजू चौहान ने गंगा दशहरा पर सभी को शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि हरिद्वार में गंगा का विशेष महत्‍व है। यहीं से गंगा नदी पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़ते हुए मैदानी क्षेत्रों में प्रवेश करती है। इसके अलावा विद्वान बताते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान यहां पर अमृत की बूंदें गिरी थीं, इसकी वजह से ही यहां पर हर 12 साल के बाद कुंभ का आयोजन होता है। यही वजह है कि हरिद्वार में गंगा दशहरा का महत्‍व और भी बढ़ जाता है। विष्णु पुराण में भी कहा गया है कि गंगा का नाम लेने, सुनने, उसे देखने, उसका जल ग्रहण करने, छूने और उसमें स्नान करने से मनुष्य के जन्मों-जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं। भगवान कृष्ण ने स्वयं को नदियों में गंगा कहा है। ‘गम् गम् गच्छति इति गंगा’ अर्थात गम गम स्वर करती बहती है गंगा। ‘गंगा तव दर्शनात मुक्ति:’ अर्थात गंगा का दर्शन मात्र ही मोक्ष देने वाला है। गंगा हमारे पुरखों को तारती हैं। गंगा हैं कलियुग की प्रधान तीर्थ। समाज सेविका अंजू चौहान ने कहा है कि आज गंगा दशहरा के अवसर पर हम सबको गंगा को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। गंगा स्वच्छ रहेगी तो हम सब का जीवन भी स्वच्छ और सफल रहेगा।

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