देश भक्ति गीतों की गूंज से गुंजायमान हुआ परमार्थ निकेतन, धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन पर्व

 

ऋषिकेश ।     परमार्थ निकेतन में पूज्य संतों, विश्व के विभिन्न देशों से आये सैलानियों, परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों, ऋषिकुमारों तथा परमार्थ परिवार के सदस्यों ने देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर स्वाधीनता दिवस मनाया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने ध्वजारोहण किया तथा साध्वी आभा माताजी और ऋषिकुमारों द्वारा गायें देशभक्ति गीतों से पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो उठा। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य मंे साध्वी भगवती सरस्वती जी, साध्वी आभा माताजी, सुश्री नन्दबाला जी, सुश्री नन्दिनी, देशी-विदेशी बहनों ने ऋषिकुमारों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध कर रक्षाबंधन मनाया। साथ ही परमार्थ गंगा तट पर वेद मंत्रों के साथ ऋषिकुमारों का उपनयन संस्कार सम्पन्न हुआ। रक्षाबन्धन के साथ वृक्षाबन्धन को चरितार्थ करते हुये सभी ने वृक्षों को राखी बांधकर धरती को हरा-भरा करने का संकल्प लिया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि आज की दिन बहुत ही विशेष दिन है आज के दिन ही हमारा देश गुलामी की जंजीरों से मुक्त हुआ था। वही दूसरी ओर आज रक्षाबंधन पर्व भी है इस दिन बहनें अपने भाई को प्रेम का प्रतीक रक्षासूत्र बांधती है। प्रतिवर्ष श्रावण पूर्णिमा को पूरा विश्व ’’विश्व संस्कृत दिवस’’ मनाता है और आज महर्षि अरविन्द जी का जन्म दिवस भी है। वास्तव में कई मायनों में आज की तिथि विशेष है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि आज रक्षाबंधन के दिन से वृक्षाबंधन का संकल्प लें। पौधों के रोपण और संवर्द्धन का संकल्प लें। दोनों भाई-बहन मिलकर वृक्षोें को राखी बांधे। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लाल किले की प्राचीर से ’ओपन डेफिकेशन फ्री इन्डिया’ का संकल्प लिया था मुझे तो लगता है इस स्वाधीनता दिवस पर हम सभी को ’ओपन गार्बेज फ्री इण्डिया’ का संकल्प लेना होगा ताकि जो जगह-जगह कूड़ा कचरा पड़ा हुआ है उससे मुक्ति मिले। इस बार हमारे मन में एक संकल्प उभरे की हम अपने देश, अपनी गलियों और अपने मोहल्लों को स्वच्छता के रंग से रंग दे।
स्वामी जी महाराज ने 370 और 35 ए का समर्थन करते हुये कहा कि अगले 5 वर्षो में जम्मु-कश्मीर और लद्दाख की जनता महसूस करेगी कि उनके लिये कितना वरदान सिद्ध हुआ यह फैसला क्योकि इससे राज्य के विकास के साथ लोगों का व्यापार बढ़ेगा, प्यार बढ़ेगा, देश का आधार बढ़ेगा और एकता का आधार बढ़ेगा। साथ ही पूरे विश्व के लिये यह एक संदेश है कि भारत किसी भी समस्या को हल कर सकता है। स्वामी जी महाराज ने कहा कि लोग कई बार ऐसे मसलों का मसाला बनाने की कोशिश करते है परन्तु मसलों का मसाला न बनायें बल्कि मशाल जलाकर एक नयी मिशाल कायम करे यह बहुत जरूरी है इसका हमें ध्यान रखना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाला नया भारत कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक भारत जो पूरे विश्व के लिये एक माॅडल बनेगा और एक उदाहरण बनेगा। आईये देश में अमन और चमन बनाये रखने के लिये हम सब मिलकर कार्य करेंगे ऐसा संकल्प करे। हम इसी माटी की संतान है इस माटी पर हमें गर्व है। हमें गर्व है कि हम भारतीय है और इस माटी के ऋण को हम सभी मिलकर चुकाये और इसका एक ही तरीका है मिलकर विकास करे उसी की शुरूआत है 370, 35 ए को समाप्त करना यही नये भारत की शुरूआत है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने देश की युवा पीढी से आह्वान किया कि धरती की रक्षा के लिये आगे आये और मिलकर कार्य करे। उन्होने कहा कि एकता में बड़ी ताकत होती है, एक विशेष शक्ति होती है। आधुनिक युग में एकता के बल पर हम सभी को मिलकर एक शान्ति से युक्त हरित राष्ट्र का निर्माण करना है। भारत ने विश्व में एक सफल लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान बनायी है अब हमें स्वच्छ और हरित राष्ट्र के रूप में भी भारत को स्थापित करना है।
स्वामी जी महाराज ने कहा कि इस स्वाधीनता दिवस और रक्षाबंधन पर संकल्प ले कि हम पेड़ों को राखी बांधकर उसकी रक्षा करेंगे तथा अपनी गलियों और मोहल्लों को कचरा मुक्त रखेंगे।

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