चौधरी कुलबीर सिंह ने प्रणव सिंह और देशराज कर्णवाल की बखिया उधेड़ी, कह दी इतनी बड़ी बात

 

रुड़की ।      चौधरी कुलवीर ने दो विधायको की जल रही जुबानी जंग की निंदा की। वहीं इस जंग में उनका नाम घसीटे जाने का भी विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनका नाम कैसे बीच मे आया। इसके लिए दोनों विधायकों को बराबर जिम्मेदार ठहराया। वहीं कर्णवाल को लेकर उनके मन की बात भी मीडिया के सामने चौधरी कुलवीर ने रखी। इस दौरान उन्होंने चैम्पियन के बारे में कहा कि उनमें राजा का डीएनए है ही नही।चैम्पियन द्वारा प्रवासी बताए जाने के बाद निशंक ने फ़ोन कर समर्थन मांगा था। इसके बाद मैंने पत्रकार वार्ता कर इस बात का विरोध किया था। कुलवीर के अनुसार इस पत्रकार को न करने के लिए देशराज कर्णवाल ने उन्हें इनकार किया था। चौधरी कुलवीर ने आरोप लगाया कि होली के समय झबरेड़ा विधायक एक ऐसे व्यक्ति के घर आये जो माफिया है और उसके आवास पर चौधरी यशवीर को पार्टी ज्वाइन करवाने पर सहमति बनी। लेकिन उस समय मेरी सहमति न मिल पाने के कारण चौधरी यशवीर की एंट्री भाजपा में नही हो पाई। उन्होंने कहा कि तब से उनके और झबरेड़ा विधायक के बीच दूरी बढ़ गयी। वही उन्होंने यह भी कहा कि झबरेड़ा विधायक ने गृह मंत्री राजनाथ की सभा करवाने से इनकार कर दिया था। लेकिन हमने वह सफल सभा अपने दम पर की। इसके साथ ही चैम्पियन द्वारा उनका नाम लिए जाने पर भी उन्होंने इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि वह मेरे बारे में अभद्र बयानबाजी कर रहे हैं और अपनी मर्यादा भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी मर्यादा नही भूल सकते। उन्होंने कहा कि मुझे वीरानी मजार कहने वाले को पहले यह देखना चाहिए कि मैंने जो भी चुनाव लड़े वह विपरीत हवा में लड़े। वह आज तक अपने बल पर चुनाव लड़े। उन्होंने कहा कि वह चैम्पियन के क्षेत्र से जीत कर आया हूँ जो हार मिली थी वह लंढौरा क्षेत्र में आकर मिली। उन्होंने कहा चुनाव की हार जीत से ज्यादा परफॉर्मेंस मायने रखती है। उन्होंने कहा कि चैम्पियन 2017 में कांग्रेस से चुनाव लड़ते तो इसका अंदाजा उन्हें लग जाता कि विपरीत हवा में चुनाव लड़ना क्या होता है। चैम्पियन के राजा वाले बयान पर उन्होंने कहा इस देश मे 596 रियासत थी लेकिन उसमें लंढौरा रियासत का कोई नाम ही नही था। उन्होंने कहा लंढौरा से 400 वर्ष ज्यादा पुराना इतिहास झबरेड़ा का है। उन्होंने यह भी कहा कि लंढौरा की रानी प्रणव के दादा बलवंत सिंह को दूसरे स्थान से लाई थी वह इस परिवार के नही थे। उन्होंने कहा लंढौरा को रियासत कहकर समाज को भृमित किया जा रहा है। लंढौरा झबरेड़ा का ही हिस्सा था। उन्होंने कहा कि हम स्वयं को राजा नही बताते हम अपने आपको आम आदमी ही बताते है और आम आदमी जैसा जीवन जीते है। लेकिन प्रणव अपने आपको राजा बताते है और राजेह चलते लोगों को परेशान करते हैं उन्होंने कहा यह इसलिए है कि उनमें झबरेड़ा का डीएनए है ही नही। उन्होंने चेताया कि हम उनकी गीदड़ धमकी में नही आने वाले हम कुत्ते की टांग तोड़ना जानते हैं। पत्रकार वार्ता में चौधरी प्रह्लाद सिंह, बिजेंद्र चौधरी, सुशील चौधरी, प्रमोद चौधरी, मांगेराम चैयरमैन, चौधरी मानवेन्द्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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