भगवानपुर ब्लाक की सियासत में नया मोड़, क्षेत्र पंचायत सदस्य बीर सिंह ने इस्तीफा वापस लिया

भगवानपुर । ब्लॉक की सियासत में उस समय नया मोड़ आ गया जब सुनेहटी के बीडीसी सदस्य ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। बीडीसी सदस्य बीर सिंह ने पिछले महीने इस्तीफा दिया था। तब कयास लगाए जा रहे थे कि बीर सिंह के इस्तीफे से रिक्त होने जा रही सीट से जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के भाई संदीप चौधरी या पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सुशील चौधरी की पत्नी पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबली चौधरी बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ेंगी। इसके बाद भगवानपुर ब्लॉक की सियासत में बड़ा उलटफेर होगा। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति तेज होगी। ऐसी तैयारियां शुरू भी हो चुकी थी। बीडीसी सदस्य भी अचानक सक्रिय हो गए थे और उनके रुख में अचानक बड़ा बदलाव आ गया था। ब्लाक प्रमुख उषा अग्रवाल के पति पूर्व चेयरमैन देवेंद्र अग्रवाल इस स्थिति को भांप रहे थे और वह पूरी राजनीति को अच्छी तरह समझ भी रहे थे। वह इस बात को मान चुके थे कि यदि सुनेहटी बीड़ीसी सदस्य का इस्तीफा स्वीकार होता है और इस सीट पर चुनाव होता है तो निश्चित रूप से आने वाले समय में ब्लॉक की सियासत में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि इसी सोच समझ और ठोस रणनीति के तहत उन्होंने बीड़ीसी सदस्य बीर सिंह का इस्तीफा वापस करा दिया । जिससे कि फिलहाल भगवानपुर ब्लॉक की सियासत में ठहराव आ गया। सियासतकार भी इस बात को मानते हैं कि यदि सुनहेटी बीड़ीसी सदस्य सीट पर उपचुनाव होते तो भगवानपुर ब्लॉक की सियासत की दृष्टि से इसके दूरगामी परिणाम होते। यहां से चाहे बबली चौधरी चुनाव लड़ती या फिर संदीप चौधरी। यह दोनों की पहली कोशिश ब्लाक प्रमुख उषा अग्रवाल को हटाने की होती। इसी के तहत वह अविश्वास की प्रस्ताव की राजनीति को आगे बढ़ाते। लेकिन अब बीडीसी सदस्य ने इस्तीफा ही वापस ले लिया है तो विश्वास प्रस्ताव जैसी कोई बात नहीं रह गई है। हालांकि कुछ सियासतकारों का यह भी मानना है कि मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। यह अलग बात है कि किसी और सीट से भी बीड़ी सदस्य का इस्तीफा हो सकता है या फिर नई रणनीति के तहत किसी सदस्य का इस्तीफा दिलाएं बिना ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए जमीन तैयार की जा सकती है। माना जा रहा है कि इसीलिए दोनों ही खेमे एक दूसरे की राजनीतिक गतिविधियों पर करीबी निगाह रखे हुए हैं। वही काफी बीड़ी सदस्य ब्लॉक की सियासत में उठापटक तेज होने के हिमायती है ।क्योंकि ब्लॉक की सियासत में जितनी भी उठापटक होगी। उतना ही उनके नंबर बढ़ेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *