बसपा की निगाह कांग्रेस और भाजपा के बागियों पर लगी, बनाएगी प्रत्याशी, बहुजन समाज पार्टी के पास अपना कोई नेता नहीं है चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार

रुड़की । बहुजन समाज पार्टी के नेता भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बागियों पर लगी हैं। इन दोनों पार्टियों में से जो भी दमदार बागी सामने आएगा। बहुजन समाज पार्टी उसे ही अपने सिंबल पर चुनाव लड़ा सकती है। माना जा रहा है किसी लिए बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशियों के चयन को लेकर बहुत ज्यादा माथापच्ची नहीं कर रही हैं। वैसे भी बहुजन समाज पार्टी के पास फिलहाल ऐसा कोई नेता नहीं है जिसने कि नगर निगम चुनाव के लिए तैयारी पहले से कर रखी हो। पार्टी में जितने भी लोग चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करते हैं । उनमें से मेयर पद के योग्य है भी कोई नहीं। अधिकतर पार्षद स्तर के नेता हैं और पार्षद का ही चुनाव व है मजबूती के साथ कुछ वार्डों में लड़ सकते हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में मेयर चुनाव की तैयारी करने वाले नेताओं की संख्या दर्जनों से अधिक है। जिनमें से दोनों पार्टियों में दो दो नेता ऐसे हैं जो कि चुनाव मैदान में उतरेंगे ही। इसी लिए बहुजन समाज पार्टी के रणनीतिकारों ने तय किया है कि कांग्रेस और भाजपा में से जो भी मजबूत लड़ाकू बगावत करेगा। उसके गले में ही बहुजन समाज पार्टी का पट्टा पहना दिया जाएगा। जानकार बता भी रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी के रणनीतिकार भाजपा और कांग्रेस के कुछ दमदार दावेदारों के संपर्क में है भी। टिकट न मिलने की दशा में साथ आने की हमें भी भर चुके हैं। बता दे कि जब शेर रामपुर और पाडली गांव रुड़की नगर निगम में शामिल हुआ है तब से यहां के सियासी समीकरण बदल गए हैं। अब यहां पर बहुजन समाज पार्टी भाजपा के विकल्प के तौर पर बड़ी ही मजबूती से सामने आई है। क्योंकि पूरे नगर निगम क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी समर्थित दलित मतदाता भी काफी संख्या में है। पर यह दलित मतदाता बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को तभी वोट करता है। जब वह चुनावी मुकाबले में दिखता हो। इसीलिए बहुजन समाज पार्टी के रणनीतिकार ऐसे ही प्रत्याशी को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। जिसके बारे में यह बात स्पष्ट होती हो कि उसके पास अपना काफी कुछ वोट है। इसीलिए उसे समर्थन करने में कोई नासमझी नहीं है। वैसे तो बहुजन समाज पार्टी के लिए दलित मुस्लिम गठबंधन का समीकरण भी काफी अच्छा बन रहा है । यह अलग बात है कि बहुजन समाज पार्टी के रणनीतिकार इस गठबंधन पर काम करने के बजाए अन्य कोई नया राजनीतिक प्रयोग करने के मूड में हो। रुड़की नगर निगम बहुत बड़े क्षेत्र वाला नगर निगम है। यदि सुप्रीम कोर्ट से नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश में कोई संशोधन नहीं किया गया तो फिर यहां का चुनाव बड़ा ही दिलचस्प रहेगा। नैनीताल हाईकोर्ट रामपुर पाडली को शामिल करते हुए चुनाव कराने के आदेश कर चुका है। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर अभी सुनवाई के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं हुई है। सभी की निगाह सुप्रीम कोर्ट पर लगी है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक किसी भी सूरत में रामपुर पाडली को नगर निगम का हिस्सा होने देना नहीं चाहते। जबकि कांग्रेस दोनों गांव को नगर निगम में शामिल कराने पर अडिग है । कांग्रेस नेताओं की याचिका पर ही नैनीताल हाईकोर्ट ने इन दोनों गांवों को नगर निगम में शामिल किया भी है।

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